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Sunday, 26 July 2015

स्टैमिना बढ़ाने के बेहतरीन उपाय



एक व्यक्ति को अपने जीवन में कई तरह की भूमिका निभानी पड़ती है। अपने रोजमर्रा के काम, ऑफिस में काम, घर के काम और अन्य जिम्मेदारी निभाने के आपके शरीर को स्टैमिना की खासी जरूरत होती है। यहां तक कि अगर आप काम के बाद पार्टी की सोचते हैं तो भी स्टैमिना जरूरी है।

स्टैमिना बढ़ाने के लिए शरीर में कार्बोहाइड्रेट, विटामिन सी, प्रोटीन, आयरन आदि तत्वों से भरपूर डाइट लेना जरूरी है। इसके साथ ही आपको अपनी जीनशैली में भी सुधार करना चाहिए। कुछ खास व्यायाम की मदद से स्टैमिना को बढ़ाया जा सकता है। इसके साथ धूम्रपान और एल्कोहल की लत को छोड़ना भी बहुत जरूरी है क्योंकि यह आपके शरीर के स्टैमिना को कम करता है।

व्यायाम से बढ़ाएं स्टैमिना


सभी एक्सरसाइज शरीर के लिए बेहतर होते हैं लेकिन जो एक्सरसाइज हमारी बॉडी का स्टैमिना बढ़ाते हैं, वे हार्ट के लिए बेहतर होते हैं। स्टैमिना बनाने वाले कुछ ऐसे एक्सरसाइज होते हैं, जिसमें आप लगातार निश्चित समय में ज्यादा ताकत लगाते हैं। ये ब्रिस्क वॉक या जॉग, स्विमिंग, साइकलिंग या फिर किसी अच्छी जगह पर एरोबिक वर्कआउट हो सकता है।

शारीरिक परीक्षण करें

अगर आपने अपने स्‍टैमिना को बढ़ाना चाहते हैं आपको एक आधारभूत चिकित्सा परीक्षण के साथ शुरू करना चाहिए। इससे आपको यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि, आप चोट, थकान और अन्य समस्याओं को दूर करने के लिए कितने फिट हैं।

शुरुआत धीरे-धीरे करें  

अगर आपने अभी-अभी स्‍टैमिना बढ़ाना शुरू किया है, तो शुरुआत में छोटे-छोटे स्‍टेप लें, न कि एकदम से बहुत कठिन और सख्‍त कार्यक्रम बनायें। यदि आप खुद से निर्धारित दूरी कुछ निश्चित समय में पूरी करना चाहते हैं, तो शुरुआत पैदल चलकर या छोटी-छोटी दूरियां तय करते हुए करें, जब तक आपके शरीर में अधिक स्‍टैमिना विकसित न हो जाये।


पानी की मात्रा

सुनिश्चित करें कि आप डीहाईड्रेशन और थकान को कम करने के लिए पर्याप्त पानी पियें। अगर आपके शरीर में पानी कम है, तो यह आपके रक्त को जमा देगा और इस प्रकार रक्त संचार धीमा हो जाएगा और आपकी कोशिकाओं में ऑक्सीजन की कमी कर देगा।

कार्बोहाइड्रेट चुनें

अपने आहार में कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थ जोड़ना सुनिश्चित करें, ताकी ये खाद्य पदार्थ आपके शरीर को स्टार्च और शर्करा प्रदान करेंगे, जिसे आपकी मांसपेशियां सहनशक्ति को बढ़ावा देने के लिए ऊर्जा के रूप में उपयोग कर सकती हैं। अनाज, रोटी, फल, सब्जियां, पास्ता और दूध जैसे कार्बोहाइड्रेट समृद्ध पदार्थ शामिल करें।


अपनी सीमाओं को जानें

स्टैमिना बढ़ाने के चक्कर में अपनी शारीरिक क्षमताओं को ना भूलें। जो आप नहीं कर सकते हैं, उस काम का दबाव अपने शरीर पर मत डालें, इससे आप चोटिल हो सकते हैं या मांसपेशियों में ऐंठन भी हो सकती है। इसलिए अपने शारीरिक क्षमताओं को पहचान कर ही व्यायाम का चुनाव करें।


प्रोटीनयुक्त आहार लें

अच्छी गुणवत्ता वाले प्रोटीन खाना सुनिश्चित करें, क्योंकि इसमें हमारे शरीर के कार्य करने के लिए आवश्यक अमीनो एसिड होते हैं। अपने भोजन में अंडे का सफेद वाला भाग, कम वसा वाला दूध और दूध उत्पादों, मछली और चिकन जैसे प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें।


आराम भी है जरूरी

स्टैमिना बढ़ाने का मतलब यह नहीं कि शरीर को ज्यादा से ज्यादा कष्ट दिया जाए या हमेशा भागदौड़ वाली गतिविधि में शामिल रहें। अपनी क्षमता को बढ़ाने के क्रम आराम भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि व्यायाम। इसलिए शरीर के पर्याप्त आराम का भी ध्यान रखें।

Wednesday, 1 October 2014

गांधी जयंती : जानिए गांधीजी की सफलता के मंत्र

गांधी जयंती : जानिए गांधीजी की सफलता के मंत्र

 ऐसे महान राष्‍ट्रपिता गांधीजी ने अपने जीवन में 16 आदर्शों को खास तवज्जो दी, इनमें से तीन सूत्रों को उन्होंने मुख्यतः लिया। 
* पहला- सामाजिक गंदगी को दूर करने के लिए झाड़ू का सहारा। 
* दूसरा- सामूहिक प्रार्थना को बल देना, जिससे एकजुट होकर व्यक्ति जात-पात और धर्म की बंदिशों को दरकिनार कर प्रार्थना करें।
* तीसरा- आखिरी रास्ता चरखा। यह आत्मनिर्भर और एकता का प्रतीक माना जाने लगा था। 

पेश है गांधीजी के संबंध में कुछ खास और महत्वपूर्ण बातें :-

* अहिंसा के रास्ते पर चलने की बात गांधीजी ने आजादी की लड़ाई में शामिल हर शख्स से कही थी।
* गांधीजी ने भगवान महावीर के रास्ते पर चल कर त्याग को अपने जीवन में सदा अपनाए रखा और सादगीभरे जीवन के साथ-साथ कम से कम चीजों से अपना जीवनयापन किया।
* राष्ट्रपिता महात्मा गांधी हमेशा ही नई तालीम को जानने और उसे अपनाने के समर्थन में रहे। इसी बल पर आजादी की लड़ाई में सफलता हासिल की।
* शाकाहारी भोजन को गांधीजी ने अपने जीवन का एक अभिन्न अंग बना लिया था।
* महात्मा गांधी हर धर्म और जाति से जुड़े हुए थे। वे सभी धर्मों के प्रति विशेष आस्था रखते थे।
* गांधीजी ने सत्य की राह पर चल कर सत्याग्रह की नींव रखी। उनके जीवन में कई कठिन मोड़ आए किंतु उन्होंने सत्य का साथ कभी नहीं छोड़ा।
गांधी के आदर्शों को हमने अब तक किताबों में पढ़ा, टीवी पर देखा और दूसरों से सुना था, लेकिन वक्त ने फिर एक बार करवट बदली और महात्मा गांधी के उन आदर्शों को फिर एक बार हजारे ने दोहराया तो सभी भारतवासी हाथ में तिरंगा थामें फिर महात्मा गांधी के पदचिह्नों पर निकल पड़े। ऐसे महान पुरुष को देशवासियों का नमन।

मैरीकॉम ने मुक्केबाजी में जीता सोना...

मैरीकॉम ने मुक्केबाजी में जीता सोना...

इंचियोन। एमसी ने एशियाई खेलों में फ्लाईवेट (51 किग्रा) फाइनल में बुधवार को पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए कजाखस्तान की झाइना शेकेरबेकोवा को हराया। वह एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला मुक्केबाजी बनीं। 
कजाखस्तान की मुक्केबाज ने अच्छी शुरुआत की थी लेकिन पांच बार की विश्व चैम्पियन और ओलंपिक कांस्य पदक विजेता मैरीकॉम वापसी करते हुए जीत दर्ज करने में सफल रही।
इससे पहले उन्होंने 2010 एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था जब महिला मुक्केबाजी ने इन खेलों में पदार्पण किया था।
शुरुआत में मैरीकॉम पीछे हटकर खेली और उन्होंने शेकेरबेकोवा को आक्रमण करने के लिए आमंत्रित किया। कजाखस्तान की मुक्केबाजी हालांकि उनकी चाल में नहीं फंसी और पहले दो मिनट में दबदबा बनाने में सफल रही।
मैरीकॉम ने हालांकि हार नहीं मानी और अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए दूसरे दौर में आक्रामक रूख अपनाया। उन्होंने हुक और अपर कट का शानदार मिश्रण करते हुए कजाखस्तान की मुक्केबाज को हैरान किया और भारतीय मुक्केबाज दूसरा दौर जीतने में सफल रही।
तीन बच्चों की मां मणिपुर की मैरीकॉम तीसरे दौर में पूरी तरह वाली रही और उन्होंने विरोधी खिलाड़ी का कोई मौका नहीं दिया।
शेकेरबेकोवा के पास मैरीकोम की बदली रणनीति का कोई जवाब नहीं था और वह बार-बार भारतीय मुक्केबाजी को पकड़ रही थी जिसके लिए उन्हें चेतावनी भी दी गई।