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Wednesday, 1 July 2015

अदरक और शहद का एक मिश्रण! - तेजी से आपका वजन कम करने में मदद करेंगे

वजन घटाने के लिए अदरक और शहद
अदरक और शहद हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में आम तत्व हैं और आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत ही अच्छे हैं। लेकिन इसके अलावा अपने खाद्य पदार्थों को स्वाद जोड़ने से आपके स्वास्थ्य के लिए एक महान संयोजन बनाने के लिए और करने में बहुत प्रभावी रहे हैं वजन घटाने।
कैसे वजन घटाने में अदरक और शहद मदद करता है?
अदरक वाष्पशील तेल की वजह से बहुत शक्तिशाली carmative गुण है और वर्तमान में यह एंजाइम Diastase। जड़ अपने मुंह में लार की वृद्धि के स्राव में मदद करता है और पाचन प्रक्रिया लात शुरू होता है। यह आपके चयापचय में सुधार में मदद करता है वजन घटाने में विषाक्त पदार्थों और एड्स के पेट शुद्ध।
इसके अलावा शहद से भी पाचन की प्रक्रिया तेज करने में मदद करता है और आप खाड़ी में अल्सर रख सकते हैं तो अपने पेट soothes।
कैसे अदरक और शहद का उपयोग करने के लिए?
अदरक का एक छोटा सा टुकड़ा ले लो और अपने रस के बारे में एक चम्मच निकालने के लिए इसे कुचलने। इस के लिए, शहद की एक चम्मच जोड़ने के लिए और अच्छी तरह मिक्स। तुम उठो और सिर्फ बिस्तर समय पहले की तरह अब अधिमानतः के रूप में जल्द ही इस मिश्रण को दो बार एक दिन है।
सतर्कता का एक शब्द: यह एक घर उपाय है के बाद से यह परिणाम दिखाने के लिए समय लगेगा। इसके अलावा, इस के बजाय चिकित्सक की सलाह का उपयोग करें और आप किसी भी घरेलू उपचार की कोशिश करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करें मत करो।

Friday, 3 October 2014

आयुर्वेद के अनुसार वजन कम करने के लिए टिप्स

आयुर्वेद के अनुसार वजन कम करने के लिए टिप्स

आयुर्वेद अर्थात "लंबी जीविका का विज्ञान" के अनुसार सत्य है कि आयुर्वेदिक उपचार आपको प्रकृति, सरल एवं स्वस्थ जीविका के करीब लाता है। आयुर्वेद में मोटापे का उपचार जीवन शैली की एक बीमारी के रुप में किया जाता है। याद रखें कि आयुर्वेद में कोई शॉर्टकट मार्ग नहीं अपनाया जा सकता। वजन घटाने के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए इन सिद्धांतों का पालन एक महीने के लिए करें! याद रखें कि सरल व्यंजन और शारीरिक रूप से सक्रिय जीवन शैली फिट व दुबला रहने का रहस्य हैं। ऐसे आयुर्वेदिक उपचार जो असली में काम करते हैं
यहां जीने के लिए खाने के वाक्यांश पर जोर दिया गया है। लोगों को कम तेल में ताजा एवं सरल रुप से पकाए गए भोजन को खाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। मेरा विचार है कि खाने के प्रति दृष्टिकोण में परिवर्तन डायट प्रोग्राम का प्रथम कदम है। मानसिक अनुशासन, डायट पर जाने वाले लोगों को अस्वास्थ्यकर भोजन ना खाने की इच्छा शक्ति प्रदान करता है। इसलिए आसानी से हज़म हो जाने वाले व्यंजन जैसे चावल, दलिया, उबली हुई सब्जियां, सब्जियों के सूप व आटे से बने पकवानों के विकल्पों का चयन करें।

2 स्नैक: तले हुए या चिकने व्यंजनों का सेवन ना करें। इसमें केरल में पारंपरिक रुप से बनाए जाने वाले केले के चिप्स भी शामिल हैं। पापड को तेल में तलने के बजाय तवे पर सेंके

3 उच्च फाइबर युक्त अनाज: यावम चावल या उबली हुई सब्जियों के साथ उच्च फाइबर युक्त जौ का सेवन करें। इन खाद्य पदार्थों का सामान्य रुप से सेवन भी तृप्ति प्रदान करता है। इन्हें अनिवार्य रुप से दोपहर या रात के खाने के साथ खाएं। इसके अलावा कभी-कभी जौ एवं दलिये को भी अपने आहार में शामिल करें। अतः बाहर के व्यंजनों का या डिब्बा बंद भोजन का सेवन ना करें।
 
 
4 मिठाई और डेसर्ट: चाय में चीनी के अलावा अन्य किसी भी मिठाई को ना खाएं। चूंकि यावम चावल रक्त में शर्करा को स्थिर बनाए रखता है, जिसके कारण आपके शरीर को ग्लूकोस की कमी महसूस नहीं होती और ना ही आपको भूख लगती है।

कैलोरी की गणना ना करें: कैलोरी की गणना करने के बजाय अपने जीवन तथा अपने खान-पान में अनुशासन लाएं। आपके खान-पान की आदतों में तबदीली तथा खाने के प्रति रवैया आपके वजन को बनाए रखने में तथा उसे कम करने में आपकी मदद करेंगे।