Showing posts with label health news. Show all posts
Showing posts with label health news. Show all posts

Thursday, 13 August 2015

अगर होंठ फट जाएं, तो घी लगाएं!


घी हर भारतीय किचन की शान माना जाता है। लोग रोटियों और दाल पर बहुत शौक से घी लगाकर या डालकर खाते हैं। ये तो हो गई घी खाने की बातें। लेकिन अगर हम आपको कहें कि घी सिर्फ खाया ही नहीं, लगाया भी जा सकता है, तो हैरान होने की ज़रूरत नहीं। अगर आपके होंठ फटे हुए व बेजान होने लगें तो उन्हें घी लगाकर ठीक किया जा सकता है। घी होंठों की त्वचा को मॉश्चराइज़ कर देता है। इससे, होंठों का फटना बंद हो जाता है। होंठ नर्म, मुलायम और चिकने दिखते हैं। (इसे भी पढ़ें, घी के द्वारा स्वादिष्ट तरीके से वज़न घटाइए)
इस्तेमाल का तरीका
  1. घी गर्म करें।
  2. उसमें थोड़ा सा शहद मिलाएं।
  3. इस पेस्ट से होंठों की मसाज करें।
  4. हर रात सोने से पहले ऐसा करें और सुबह साफ पानी से धो लें।
होंठों पर घी-शहद के इस पेस्ट का इस्तेमाल करने से वो फटते नहीं हैं या फिर फटे होंठ बहुत जल्दी ठीक हो जाते हैं। इसलिए आइंदा जब होंठ फटे, तो बाज़ार से लाइ लिप बाम की बजाए इस घरेलू उपचार का इस्तेमाल करें।

सिर्फ एक रात में पाएं पिंपल्स से छुटकारा!

पिंपल्स शायद भविष्यवाणी कर सकते हैं! तभी तो हर ख़ास मौके से ठीक पहले निकल आते हैं। चाहे आपकी ऑफिस की पार्टी हो या फिर घर का कोई फंक्शन। और सबसे ज्यादा गुस्सा तो तब आता है जब डेट पर जाना हो और गाल पर लाल-लाल बड़ा सा पिंपल हो जाए। खैर, ऐसे में परेशान होने या फिर मुंह फुलाने की ज़रूरत नहीं, आप सिर्फ एक रात में इन बदसूरत पिंपल्स से छुटकारा पा सकते हैं। (इसे पढ़ें, टैनिंग हटाने के लिए ज़रूर लगाएं ये ख़ास हल्दी-चंदन फेसपैक)
जी हां, ये बिल्कुल सच है। ये मुमकिन है कि आप रात भर में पिंपल्स से छुटकारा पा लें और कोई निशान भी न रहे। इसके लिए आपको चंदन के पावडर में गुलाबजल को मिलाना है, और बस!
इस्तेमाल का तरीका
  • चंदन पावडर में थोड़ा सा गुलाबजल मिलाकर पेस्ट बना लें। (अगर आप चंदन की लकड़ी को पीस कर पेस्ट बना रहे हैं तो पानी की जगह पीसने के लिए गुलाबजल का इस्तेमाल करें।)
  • इसे पिंपल पर लगा लें।
  • रात भर पेस्ट को पिंपल पर लगा रहने दें।
  • सुबह चेहरा धो लें।
अबकी बार जब आपको पिंपल हो जाए तो आइने में चेहरा देखकर उदास न हो, बल्कि तुरंत चंदन पेस्ट बनाएं और इस्तेमाल करें।

पुरूषों में सेक्स क्षमता को बढ़ाता है बीटरूट, जानिये कैसे!



आपको विश्वास हो या न हो, लेकिन चुकंदर या बीटरूट एक ऐसा सब्ज़ी है जो पुरूषों की सेक्स पावर को बढ़ा सकता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इसका फ़ायदा महिलाओं को नहीं मिलता है।
रिसर्चों के अनुसार जो दवाईयाँ इरेक्टाइल डिसफंक्शन में कामगार साबित होती है ठीक उसी तरह यह जड़ भी काम करता है। इसमें नाइट्रेट होता है जो जैविक (inorganic) रूप से हवा, पानी और फूड्स से मिलता है। जो लोग लो लिबीडो या इरेक्टाइल डिसफंक्शन के समस्या से जुझ रहे हैं, उनके शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड की मात्रा बढ़ने से सेक्चुअल हेल्थ में सुधार आता है।
यह कैसे काम करता है?
जब आप चुकंदर खाते हैं तो इसमें जो नाइट्रेट्स होता है वह मुँह में मौजुद बैक्टिरीया के द्वारा नाइट्राइट में बदल जाता है। जब इसको चबाकर निगला जाता है तब यह नाइट्रिक ऑक्साइड में बदल जाता है, और यह गैस रक्त संचालन को बेहतर बनाता है। नियमित रूप से बीटरूट खाने पर गुप्तांगों की ब्लड कोशिकाएं खुल जाती हैं और रक्त का संचालन बेहतर हो जाता है। इससे इरेक्शन बेहतर तरीके से हो पाता है और आपका सेक्चुअल लाइफ और भी स्पाइसी बन जाता है। चुकंदर का नाइट्रेट सप्लीमेंट सेक्स लाइफ के स्टैमिना को बढ़ाता है।
ब्रीटिश हर्ट फाउन्डेशन के अनुसार, सब्ज़ियों में जो नाइट्रेट्स होता है वह ब्लड-प्रेशर को कम करता है। 2010 में क्वीन मेरी युनिवर्सिटी के अध्ययन में भी यह बात साबित हुआ है। अनुसंधान के अनुसार 500 ग्राम बीटरूट खाने के छह घंटे में ब्लड-प्रेशर कम हो जाता है। शायद आपको पता है कि हाई ब्लड-प्रेशर का भी सेक्स लाइफ पर बुरा प्रभाव पड़ता है। पढ़े- एनीमिया दूर करने का असरदार घरेलू इलाज है बीटरूट
बीटरूट को अपनी डायट में शामिल करने के तरीके-
कच्चा- आप चुकंदर को पहले अच्छी तरह से धो लें, फिर स्लाइस में काटकर सलाद में या यूं ही खा सकते है। हाँ, इसको अच्छी तरह से चबाकर खायें, इससे हजम शक्ति बढ़ती है।
उबला- अगर इसको कच्चा खाना अच्छा नहीं लगता है तो इसको उबालकर टुकड़ों में काट लें और उस पर नमक और नींबू का रस छिड़ककर स्नैक टाइम में खा सकते हैं। इससे ब्लड-काउन्ट बढ़ता है।
जूस- दो-तीन मध्यम आकार वाले चुकंदर को अच्छी तरह से धोकर, छिलका छुड़ाकर टुकड़ों में काट लें। फिर इनको ब्लेंड करके एक गिलास में इसके रस को छानकर निकाल लें। फिर बिना मीठा दिये इसको पी लें। पढ़े- समर ड्रिंक रेसिपी- बीटरूट छाछ