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Sunday, 5 July 2015

स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत फायदेमंद है केले का सेवन Benefits of Banana in Hindi | बहुत फायदेमंद है केला








केला स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत लाभदायक है। रोज एक केला खाना तन-मन को तंदुरुस्त रखता है। केला शुगर और फाइबर का बेहतरीन स्रोत होता है। केले में थाइमिन, नियासिन और फॉलिक एसिड के रूप में विटामिन ए और बी पर्याप्त मात्रा में मौजूद होता है। केले को ऊर्जा का अच्छा स्रोत माना जाता है। साथ ही इसमें पानी की मात्रा 64.3 प्रतिशत, प्रोटीन 1.3 प्रतिशत, कार्बोहाईड्रेट 24.7 प्रतिशत तथा चिकनाई 8.3 प्रतिशत होती है। आइए हम आपको बताते हैं कि केला खाने के क्या-क्या फायदे हो सकते हैं।

केले के लाभ

केले में पोटैशियम पाया जाता है, जो कि ब्लड प्रेशर के मरीज के लिए बहुत फायदेमंद है ज्यादा शराब पीने से हैंगओवर को उतारने में केले का मिल्क शेक बहुत फायदेमंद होता है। केले का शेक पेट को ठंडक पहुंचाता है केला ब्लड शुगर नियंत्रित करता है। केले में काफी मात्रा में फाइबर पाया जाता है। केला पाचन क्रिया को सुचारु करता है। अल्सर के मरीजों के लिए केले का सेवन फायदेमंद होता है। केले में आयरन भरपूर मात्रा में होता है, जिसके कारण खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ती है। तनाव कम करने में भी मददगार है केला। केले में ट्राइप्टोफान नामक एमिनो एसिड होता है जिससे मूड को रिलैक्स होता है। 

केले के अन्य फायदे

दिल के मरीजों के लिए केला बहुत फायदेमंद होता है। हर रोज दो केले को शहद में डालकर खाने से दिल मजबूत होता है और दिल की बीमारियां नहीं होती हैं।

 

अगर नाक से खून निकलने की समस्या है तो केले को चीनी मिले दूध के साथ एक सप्ताह तक इस्तेमाल कीजिए। नकसीर का रोग समाप्त हो जाएगा।

 

वजन बढ़ाने के लिए केला बहुत मददगार होता है। हर रोज केले का शेक पीने से पतले लोग मोटे हो सकते हैं। इसलिए पतले लोगों को वजन बढाने के लिए केले का सेवन करना चाहिए।

 

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को सबसे ज्यादा विटामिन व मिनरल्स की आवश्यकता होती है। इसलिए गर्भवती को यह सलाह दी जाती है कि वह अपने आहार में केला अवश्य शामिल करें।

 

बच्चों के विकास के लिए केला बहुत फायदेमंद होता है। केले में मिनरल और विटामिन पाया जाता है जिसका सेवन करने से बच्चों का विकास अच्छे से होता है। इसलिए बच्चों की डाइट में केले को जरूर शमिल करना चाहिए

 

केला बुजुर्गों के लिए सबसे अच्छा फल है। क्योंकि इसे बहुत ही आसानी से छीलकर खाया जा सकता है। इसमें विटामिन-सी, बी6 और फाइबर होता है जो बढ़ती उम्र में जरूरी होता है। बुढ्ढों में पेट के विकार को भी यह समाप्त करता है।






 













Thursday, 2 October 2014

 पुरुषों के लिये पिंपल ट्रीटमेंट 


एक्‍ने या पिंपल जिसे हम मुंहासा भी बोलते हैं, पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिये ही परेशानी का कारण बनते हैं। हो सकता है कि आप दुनिया भर की क्रीम और दवाइयां लगा लगा कर अब परेशान हो चुके हों लेकिन कोई भी उपाय सूझता हुआ नजर ना आ रहा हो। यहां पर कुछ घरेलू उपचार हैं जिससे आप मुंहासों से छुटकारा पा सकते हैं। हम यहां पर खास तौर पर पुरुषों की बात कर रहे हैं क्‍योंकि महिलाओं के बारे में हम काफी बात कर चुके हैं। तो आइये देखते हैं कुछ सुझाव- पुरुषों के लिये पिंपल ट्रीटमेंट ADVERTISEMENT 1. क्‍लीजिंग- अगर स्‍किन ऑयली है तो उसे माइल्‍ड क्‍लींजर से साफ कीजिये। इससे डेड स्‍किन साफ हो जाती है जिससे पिंपल नहीं आते। अपने चेहरे को दिन में दो बार क्‍लीजिंग से साफ करें। 2. शेविंग टेक्‍नीक- जिन पुरुषों के चेहरे पर पिंपल हों उन्‍हें शेविंग के दौरान खास ध्‍यान देना चाहिये। आप किस ओर शेविंग कर रहे हैं उस पर ज्‍यादा ध्‍यान दें नहीं तो अगर मुंहासा फूट गया तो वह खतरनाक रूप ले लेगा। मुंहासे पर कभी प्रेशर ना डालें और हमेशा तेज रेजर का यूज करें। 3. आइस क्‍यूब- पिंपल पर आइस क्‍यूब रगडिये। आप अपने पिंपल पर मुल्‍तानी मिट्टी, नींबू रस और शहद डाल कर पेस्‍ट लगा सकते हैं। जब यह पेस्‍ट सूख जाए तब उसे आइस क्‍यूब से रगड कर साफ कर लें। इससे आपका मुंहासा दब जाएगा। 4. चंदन पाउडर- चंदन पाउडर को गुलाब जल के साथ मिलाइये और मुंहासे पर लगाइये। इसेस पिंपल सूख कर छोटा हो जाएगा। 5. नींबू मसाज- नींबू एक प्राकृतिक ब्‍लीच है जो कि पिंपल को ठीक कर सकता है। फ्रेश नींबू की स्‍लाइस काटिये और उससे अपने पिंपल पर हल्‍के हाथों से रगडिये। इसको दिन में दो बार जरुर करें और करने के बाद चेहरा ठंडे पानी से धो लें। नींबू पिंपल को सुखा देगा।

सेब खाएं और मोटापा को कहें बाय-बाय

सेब खाएं और मोटापा को कहें बाय-बाय

 

स्वस्थ जीवनशैली चाहते हैं, तो हर रोज एक सेब खाना शुरू करें। सेब में पाए जाने वाले विशेष तत्व मोटापे से संबंधित बीमारियों को दूर रखने में मददगार हो सकते हैं। वाशिंगटन स्टेट यूनिवर्सिट के वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि ग्रैनी स्मिथ प्रजाति के सेब में गैर पाचक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं।
शोधकर्ता ग्युलिना नोरात्तो ने कहा कि हमने पाया कि ग्रैनी स्मिथ सेब में पाए जाने वाले गैर पाचक तत्वों ने वास्तव में मोटे चूहों के मल जीवाणुओं के अनुपात को परिवर्तित कर दुबले चूहों के समान कर दिया। ग्रैनी सेब में पाए जाने वाले गैर पाचक तत्वों की प्रचूर मात्रा शरीर में अनुकूल जीवाणुओं की उत्पत्ति के लिए फायदेमंद होती है। साथ ही इससे आहार फाइबर और पोलीफेनॉल तथा कार्बोहाइड्रेट की मात्रा को संतुलित रखने में मदद मिलती है। नोरात्तो ने कहा कि कोलोन में स्वास्थ्यवर्धक जीवाणुओं का संतुलन पाचन की प्रक्रिया को स्थिर करता है, जो मोटापे और सूजन तथा संतुष्टि या तृप्ति की भावना के लिए जिम्मेदार होती है। यह खोज मोटापे से जुड़ी बीमारियों जैसे मधुमेह आदि से निजात दिलाने में मददगार साबित हो सकती है। यह अध्ययन जर्नल फूड केमिट्री में प्रकाशित हुई है मोटापा किसी भी सूरते हाल में किसी को भी अच्छा नहीं लगता है। कहा जाता है कि मोटापा कई बीमारियों की जड़ है। मोटापा बहुत से रोगों से जुड़ा हुआ है, जैसे हृदय रोग, मधुमेह, निद्रा कालीन श्वास समस्या, कई प्रकार के कैंसर और ऑस्टेयोआर्थ्राइटिस आदि है। मोटापे के प्रमुख्य कारण अत्यधिक कैलोरी वाले खाद्य का सेवन, शारीरिक गतिविधियों का अभाव, आनुवांशिकी का मिश्रण हो सकता है। हालांकि मात्र आनुवांशिक, चिकित्सकीय या मानसिक रोग के कारण बहुत ही कम संख्या में पाये जाते हैं। यह कई बीमारियों की जड़ है लिहाजा इससे बचा जाना चाहिए।
शाकाहारी खाने में चर्बी कम होती है जिससे मोटापा नहीं होता है या फिर कम होता चला जाता है। अध्‍ययन बताते हैं कि ज्‍यादा मांसाहार के सेवन का असर भी मोटापे पर पड़ता है। यदि आप मांसाहार ज्यादा करते हैं तो एकदम से इसें बंद करना आसान नहीं होता। जब तक आप पूर्ण रूप से इसे न छोड़ पाएं, तब तक मांसाहार और शाकाहार का सेवन जारी रखें और धीरे-धीरे शाकाहार को पूरी तरह अपनाएं। भोजन में शाक-सब्जी, कच्चा सलाद और कच्ची हरी शाक-सब्जी की मात्रा अधिक और चपाती, चावल व आलू की मात्रा कम रखना चाहिए।
दही खाने से भी वजन कम हो सकता है। ज्यादा दही खाने वालों का वजन तेजी से घटता है या कम बढ़ता है। दही में कैल्शियम और प्रोटीन फैट को कम करने में सहायक होता है, लेकिन दही या तो टोंड या स्किम्ड मिल्क की हो या फिर दूध की मलाई उतार कर जमाएं। दही रात को न खाएं। सुबह या लंच में इसे लेना बेहतर रहता है।
तली हुई चीजे जैसे आलू चिप्‍स, कुकीज का कम से कम उपयोग करें। फास्‍ट फूड जैसे बर्गर, पिज्‍जा की जगह सलाद, फ्रूट जैसी स्‍वस्‍थ चीजों का चुनाव करें। खाने में फाइबर युक्‍त भोजन लें। यह आपके शरीर को कोलेस्‍ट्रोल से बचाता है और उसे आपके शरीर से बाहर करता है। फाइबरयुक्‍त भोजन आपके शरीर की अतिरिक्त कैलोरी को भी बर्न करता है। रेशेदार चीजों के सेवन से आपका शरीर सेहतमंद रहता है और अनावश्यक चर्बी नहीं होती है।
मोटापा कम करने के लिए या फिर उससे बचने के लिए भोजन के अन्त में पानी पीना उचित नहीं, बल्कि एक-डेढ़ घंटे बाद ही पानी पीना चाहिए। इससे पेट और कमर पर मोटापा नहीं चढ़ता, बल्कि मोटापा हो भी तो कम हो जाता है।
खाना भूख से थोड़ा कम ही लेना चाहिए। इससे पाचन भी ठीक होता है और पेट बड़ा नहीं होता। पेट में गैस नहीं बने इसका खयाल रखना चाहिए। गैस के तनाव से तनकर पेट बड़ा होने लगता है। दोनो समय शौच के लिए अवश्य जाना चाहिए।
मोटापा कम करने के लिए व्यायाम का भी सहारा लिया जा सकता है। तैरना आता है तो इससे अच्छी एक्सरसाइज दूसरी नहीं। नहीं आता है तो सुबह की सैर के लिए रोज निकल जाए।
अंत में सबसे अहम बात। यह बात हमेशा हमें ध्यान रखनी होगी कि हम अपने रोजाना आहार के जरिए कैलोरी ले रहे है उसे उसी दिन बर्न कर दे यानी खर्च कर दे। अगर रोजाना ली जाने वाली कैलोरी और खर्च होनेवाली कैलोरी में अंतर होता गया तो यह डिपोजिट फैट ही धीरे-धीरे मोटापे का रूप ले लेता है। यानी इसके लिए हम यह मालूम होना चाहिए कि किस चीज में कितनी कैलोरी होती है। अगर उसमें कैलोरी ज्यादा है तो जाहिर सी बात है कि उसे बर्न करने के लिए मेहनत भी खूब करनी होगी।